देश का मौसम एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। उत्तर और मध्य भारत में अभी कड़ाके की ठंड और घना कोहरा लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना रहा है। वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने अब 15, 16 और 17 जनवरी के लिए कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। यह बदलाव जनवरी के मध्य में आ रहा है, जब आमतौर पर मौसम शुष्क रहता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
दक्षिण भारत में फिर सक्रिय हुआ बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई राज्य अभी भी बारिश की चपेट में हैं। पूर्वी हवाओं और समुद्री नमी के कारण बादल लगातार सक्रिय बने हुए हैं। केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के तटीय इलाकों में अगले तीन दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
मौसम विभाग के अनुसार इन राज्यों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। कई जगहों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा बना हुआ है। इस बारिश से जहां कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
केरल में लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
केरल में बारिश का सिलसिला मानसून के समय से ही चल रहा है। मानसून के जाने के बाद भी यहां कई बार अच्छी बारिश हुई। अब 15 से 17 जनवरी के बीच फिर से भारी बारिश की चेतावनी है।
लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन भी हो सकता है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि तेज हवाओं से ऊंची लहरें उठ सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
तमिलनाडु में भी तेज बारिश की संभावना
तमिलनाडु में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां रुक-रुक कर बारिश हो रही है और आने वाले तीन दिन में यह और तेज हो सकती है।
शहरी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलों पर असर पड़ सकता है। हालांकि कुछ किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद भी साबित हो सकती है, खासकर जहां मिट्टी में नमी की कमी थी।
इन राज्यों में भी जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
बारिश का यह दौर सिर्फ केरल और तमिलनाडु तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी तेज बारिश की चेतावनी दी है। यहां पूर्वी हवाओं के कारण बादल तेजी से बन रहे हैं।
यहां बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतनी होगी। मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने वाला है। यहां भी हवाओं के असर से बारिश हो सकती है।
उत्तर भारत के पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम करवट लेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
यहां पहले से कड़ाके की ठंड है। बर्फबारी से तापमान और गिर सकता है। सड़कें बंद होने की आशंका है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम अपडेट देखकर ही सफर करना चाहिए।
द्वीपीय क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अलर्ट
अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी 15 से 17 जनवरी के बीच भारी बारिश होने की चेतावनी है। समुद्री मौसम प्रणाली के कारण यहां तेज बारिश और हवाएं चल सकती हैं।
मछुआरों और नाविकों को समुद्र में जाने से पहले मौसम की पूरी जानकारी लेनी चाहिए। छोटे तटीय क्षेत्रों जैसे माहे, पुडुचेरी और कराईकल में भी तेज बारिश का अलर्ट है। यहां जलभराव और यातायात बाधित होने की संभावना है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलें। जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखें।
किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह है। तेज हवाओं और बिजली गिरने से बचने के लिए घर के अंदर रहना बेहतर है।
निष्कर्ष
15 से 17 जनवरी के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव आ रहा है। दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना के साथ-साथ मध्य महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। यह बदलाव जहां ठंड से कुछ राहत दे सकता है, वहीं जलभराव, भूस्खलन, फसल नुकसान और यातायात बाधा जैसी समस्याएं भी ला सकता है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए और सतर्क रहना चाहिए। आने वाले तीन दिन काफी महत्वपूर्ण हैं, इसलिए तैयारी और सावधानी ही सबसे अच्छा उपाय है।