APAAR ID अब भारतीय छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। यह एक देश, एक आईडी पहल का हिस्सा है, जिसके तहत हर छात्र को एक 12 अंकों का डिजिटल यूनिक नंबर मिलता है। इस आईडी से क्लास 1 से लेकर आगे की पढ़ाई तक के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड एक जगह सुरक्षित रहेंगे। सरकार ने इसे NEP 2020 के तहत शुरू किया है ताकि पेपरवर्क कम हो, फर्जीवाड़ा रुके और छात्रों का डेटा आसानी से शेयर हो सके।
अच्छी बात यह है कि APAAR ID बनाना बहुत आसान है। घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से सिर्फ 5 से 10 मिनट में रजिस्ट्रेशन शुरू हो सकता है। कई राज्यों में स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी छात्रों की यह आईडी बनाई जाए। अगर नहीं बनी तो कुछ जगहों पर टीचर्स की सैलरी पर भी असर पड़ सकता है। लेकिन याद रखें, बिना माता-पिता की सहमति के कोई भी बच्चे की APAAR ID नहीं बनाई जा सकती।
यह आईडी छात्रों के पूरे शैक्षिक सफर को डिजिटल बना देगी। मार्कशीट, सर्टिफिकेट, क्रेडिट पॉइंट्स सब इसी में स्टोर होंगे। अब छात्रों को पुराने सर्टिफिकेट ढूंढने या डुप्लीकेट बनाने की टेंशन नहीं रहेगी।
APAAR ID क्या है और क्यों बनवानी जरूरी है
APAAR ID यानी ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री। यह एक 12 अंकों का डिजिटल नंबर है जो हर छात्र को मिलता है। यह नंबर आपके शैक्षिक जीवन का आधार बन जाता है।
इसमें क्या-क्या स्टोर होता है:
मार्कशीट और सर्टिफिकेट क्लास 1 से लेकर ग्रेजुएशन तक क्रेडिट पॉइंट्स एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) से जुड़े पर्सनल डिटेल्स जैसे ब्लड ग्रुप, हाइट, वेट आदि
इसका मुख्य मकसद है कि छात्रों का सारा डेटा एक जगह आए। कहीं भी एडमिशन हो या जॉब के लिए वेरिफिकेशन चाहिए, सब इंस्टेंट हो जाएगा। फर्जी डिग्री और मार्कशीट का खेल खत्म हो जाएगा। सरकार चाहती है कि शिक्षा पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल हो।
घर बैठे APAAR ID बनाने के 6 आसान स्टेप्स
APAAR ID बनाना इतना आसान है कि कोई भी पैरेंट या छात्र खुद कर सकता है। पूरी प्रक्रिया डिजिलॉकर के जरिए होती है। नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
सबसे पहले digilocker.gov.in पर जाएं या डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करें। मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से साइन अप करें। e-KYC पूरा करें – आधार से OTP डालकर वेरीफाई करें। लॉगिन करने के बाद ‘Academic Bank of Credits’ (ABC) सेक्शन में जाएं। ‘My Account’ में ‘Student’ ऑप्शन चुनें और आधार, फोटो, एड्रेस प्रूफ, स्कूल की डिटेल्स भरें। सबमिट करने के बाद 2-3 दिन में आपका 12 अंकों वाला APAAR ID ईमेल या ऐप में आ जाएगा।
स्कूल भी बैच में यह आईडी बना सकते हैं, लेकिन इसके लिए पैरेंट्स का कंसेंट फॉर्म जरूरी होता है। अगर कोई समस्या आए तो हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल कर सकते हैं। ऑफिशियल वेबसाइट apaar.education.gov.in पर भी जाकर चेक कर सकते हैं।
| स्टेप नंबर | क्या करना है | जरूरी चीजें | समय लगभग |
|---|---|---|---|
| 1 | डिजिलॉकर में साइन अप | मोबाइल नंबर, आधार | 2 मिनट |
| 2 | e-KYC पूरा करें | आधार OTP | 1-2 मिनट |
| 3 | ABC सेक्शन में जाएं | लॉगिन डिटेल्स | 1 मिनट |
| 4 | स्टूडेंट अकाउंट चुनें | – | 1 मिनट |
| 5 | सभी डिटेल्स भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें | फोटो, एड्रेस प्रूफ, स्कूल डिटेल | 3-5 मिनट |
| 6 | सबमिट करें और इंतजार करें | – | 2-3 दिन में ID मिलेगी |
कौन-कौन बना सकता है APAAR ID
APAAR ID हर छात्र के लिए नहीं है। कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं:
उम्र कम से कम 5 साल होनी चाहिए (कक्षा 1 से शुरू) मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में नामांकन होना चाहिए केवल भारतीय नागरिक ही बना सकते हैं
अभी NEET-UG 2025 जैसी एंट्रेंस परीक्षाओं के लिए यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन भविष्य में हो सकती है। कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में स्कूलों को 100% छात्रों की आईडी बनाने का टारगेट दिया गया है।
APAAR ID के मुख्य फायदे
यह आईडी छात्रों के लिए गेम चेंजर साबित होगी। कुछ बड़े फायदे इस प्रकार हैं:
कहीं भी रिकॉर्ड चेक करने की सुविधा – नोटरी या फिजिकल कॉपी की जरूरत नहीं एडमिशन या जॉब में इंस्टेंट वेरिफिकेशन एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर पर रिकॉर्ड आसानी से शेयर क्रेडिट ट्रांसफर से आंशिक कोर्स पूरा करने पर डिग्री मिलना आसान फर्जी डिग्री और मार्कशीट का खतरा खत्म पर्सनल हेल्थ डेटा से इमरजेंसी में मदद
NEP 2024-25 में इसे ABC के साथ जोड़ा गया है। सरकार का टारगेट है कि 2026 तक सभी छात्रों की APAAR ID बन जाए।
चुनौतियां और सावधानियां
हर नई चीज के साथ कुछ चुनौतियां भी आती हैं। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और आधार की समस्या रह सकती है। प्राइवेसी को लेकर भी चिंता है कि कहीं डेटा लीक न हो जाए।
सरकार का कहना है कि डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड है और पैरेंट्स की सहमति के बिना कुछ नहीं होता। सावधानियां बरतें:
हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप यूज करें बच्चों को डिजिटल सावधानी सिखाएं आईडी मिलने पर प्रिंट लेकर कार्ड बनवा लें
स्कूलों पर दबाव की वजह से जल्दबाजी हो सकती है, इसलिए पैरेंट्स खुद अलर्ट रहें।
निष्कर्ष
APAAR ID अब छात्रों के लिए अनिवार्य होती जा रही है। यह 12 अंकों का डिजिटल नंबर छात्रों के पूरे शैक्षिक रिकॉर्ड को एक जगह जोड़ता है। घर बैठे डिजिलॉकर के जरिए 6 आसान स्टेप्स में बनाई जा सकती है। सरकार ने इसे NEP 2020 के तहत शुरू किया है ताकि शिक्षा डिजिटल, पारदर्शी और आसान बने।
यह आईडी मार्कशीट, सर्टिफिकेट, क्रेडिट ट्रांसफर सब मैनेज करती है। फायदे बहुत हैं लेकिन प्राइवेसी और इंटरनेट की चुनौतियां भी हैं। पैरेंट्स की सहमति जरूरी है। भविष्य में यह आधार जैसी आम आईडी बनेगी और छात्रों का शैक्षिक सफर आसान कर देगी। सभी छात्रों और पैरेंट्स को जल्द से जल्द APAAR ID बनवानी चाहिए ताकि आगे कोई परेशानी न आए।