India Weather Forecast Today के अनुसार जनवरी के दूसरे हफ्ते में उत्तर भारत में ठंड अपने चरम पर पहुंच गई है। 12 जनवरी 2026 को मैदानी इलाकों में शीतलहर और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है और आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत भी दिए हैं।
उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का अलर्ट
उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में कड़ाके की ठंड जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में हालात और गंभीर बने हुए हैं, जहां घने कोहरे को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।
अमृतसर, श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में तापमान तेजी से गिरा है। सुबह और रात के समय गलन वाली ठंड महसूस की जा रही है। पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं की वजह से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर और तेज हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: पहाड़ों पर बर्फबारी
मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इसका असर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
गिलगित-बाल्टिस्तान, कुल्लू और मनाली जैसे इलाकों में बर्फ गिर सकती है, जिससे पहाड़ी सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा 15 से 17 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिससे पहाड़ों में मौसम की गतिविधियां और बढ़ेंगी।
मैदानी इलाकों में ठंड रहेगी बरकरार
हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी होगी, लेकिन उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कोहरा और शीतलहर अभी कुछ दिन और लोगों को परेशान कर सकती है।
दक्षिण भारत का मौसम
दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है। तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी से उठने वाले बादलों के कारण इन इलाकों में बादल छाए रहेंगे।
महाराष्ट्र और मध्य भारत का हाल
महाराष्ट्र में पुणे, नासिक, मुंबई और सांगली-सातारा तक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मौसम शुष्क रहेगा।
हालांकि इन राज्यों में तेज ठंडी हवाएं चलने की वजह से सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा। लोगों को खासतौर पर सुबह-शाम सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, जनवरी के मध्य तक उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश जरूर होगी, लेकिन मैदानी इलाकों में ठंड बरकरार रहेगी। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।