बिहार जमीन मापी महा अभियान अब बिहार में बहुत बड़ी खबर बन चुका है। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य भर में जमीन की मापी को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने के लिए यह खास महा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह अभियान 26 जनवरी 2026 से शुरू होगा और 31 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान विवादित और विवाद रहित दोनों तरह की जमीनों की मापी सरकारी तय शुल्क पर बहुत कम समय में पूरी की जाएगी।
इस नई व्यवस्था से बिहार के लाखों लोगों को फायदा होगा। पहले जमीन मापी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। कई बार अमीन या अंचल कार्यालय के कर्मचारी रिश्वत मांगते थे और बीच में बिचौलिए भी आ जाते थे। अब सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा। आवेदन, ट्रैकिंग, भुगतान और रिपोर्ट सब पोर्टल पर होगा। इससे लोगों की परेशानी बहुत कम हो जाएगी।
राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि यह व्यवस्था राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवा देने का एक मजबूत कदम है। अब लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और प्रक्रिया पूरी तरह निगरानी में होगी।
बिहार जमीन मापी महा अभियान कब से कब तक चलेगा
यह महा अभियान पूरे बिहार में एक साथ चलेगा। विभाग ने साफ तारीखें घोषित कर दी हैं ताकि लोग पहले से तैयारी कर सकें। अभियान की शुरुआत 26 जनवरी 2026 से होगी। अभियान की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 तक रहेगी। इस तीन महीने के दौरान राज्य के सभी अंचल कार्यालय इस अभियान के तहत काम करेंगे। लोग इस समय में अपनी जमीन की मापी के लिए आवेदन कर सकते हैं। अभियान खत्म होने के बाद भी सामान्य प्रक्रिया चलेगी, लेकिन महा अभियान में समय-सीमा बहुत कम रखी गई है।
क्यों शुरू किया गया है जमीन मापी महा अभियान
पहले की पुरानी व्यवस्था में जमीन मापी बहुत मुश्किल काम था। लोग महीनों तक इंतजार करते थे। आवेदन कहां अटका है, यह भी पता नहीं चलता था। कई बार अमीन या कर्मचारी अतिरिक्त पैसे मांगते थे। बिचौलियों की वजह से काम और महंगा हो जाता था।
इन सभी समस्याओं को खत्म करने के लिए विभाग ने ईज ऑफ लिविंग के तहत नई व्यवस्था शुरू की है। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। तय शुल्क के अलावा कोई अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे। आवेदन की स्थिति घर बैठे ट्रैक की जा सकेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
जमीन मापी महा अभियान के मुख्य फायदे
यह अभियान बिहार के लोगों के लिए कई बड़े फायदे ला रहा है। मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
विवाद रहित जमीन की मापी सिर्फ 7 दिनों में पूरी हो जाएगी। विवादित जमीन (जैसे बंटवारा, पुश्तैनी विवाद, नाम में कमी आदि) की मापी 11 दिनों में हो जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैकिंग के साथ होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। सरकारी निगरानी में मापी होगी, इसलिए आपसी झगड़े की संभावना कम रहेगी। शुल्क सीधे विभाग में जमा होगा, कोई चोरी या अतिरिक्त मांग नहीं होगी।
ये फायदे लोगों को बहुत राहत देंगे। खासकर छोटे किसानों और आम नागरिकों के लिए यह बहुत बड़ा बदलाव है।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| अभियान का नाम | बिहार जमीन मापी महा अभियान |
| शुरू होने की तारीख | 26 जनवरी 2026 |
| खत्म होने की तारीख | 31 मार्च 2026 |
| विवाद रहित जमीन मापी का समय | 7 दिन |
| विवादित जमीन मापी का समय | 11 दिन |
| रिपोर्ट अपलोड करने की समय-सीमा | आवेदन से 14वें दिन तक |
| विभाग | बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग |
| ऑफिशियल वेबसाइट | biharbhumi.bihar.gov.in |
जमीन मापी की प्रक्रिया कैसे होगी – स्टेप बाय स्टेप
यह पूरी प्रक्रिया अब बहुत सरल और तेज हो गई है।
सबसे पहले आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। आवेदन करते समय बताना होगा कि जमीन विवादित है या नहीं। अगर जमीन विवादित है तो अंचलाधिकारी (सीओ) पहले विवाद की स्थिति स्पष्ट करेंगे। विवाद रहित जमीन की मापी 7 दिनों में पूरी होगी। विवादित जमीन (बंटवारे, पुश्तैनी मामले, नाम में कमी आदि) की मापी 11 दिनों में हो जाएगी। मापी के बाद अमीन रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करेगा। यह रिपोर्ट आवेदन की तारीख से 14वें दिन तक पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी।
पूरी प्रक्रिया में सभी पक्षों की सहमति जरूरी होगी। अगर कोई पक्ष संतुष्ट नहीं है तो विवादित के तहत ही काम होगा।
बिहार जमीन मापी महा अभियान का महत्व
बिहार जमीन मापी महा अभियान 26 जनवरी 2026 से शुरू हो रहा है और 31 मार्च 2026 तक चलेगा। इस अभियान में विवाद रहित जमीन की मापी 7 दिनों में और विवादित जमीन की मापी 11 दिनों में पूरी होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और सरकारी निगरानी में होगी। इससे पहले की समस्याएं जैसे लंबा इंतजार, रिश्वत और बिचौलिए खत्म हो जाएंगे। यह अभियान राज्य सरकार के सात निश्चय-3 का हिस्सा है। बिहार के सभी नागरिकों को इस दौरान अपनी जमीन की मापी कराने का फायदा उठाना चाहिए। समय पर आवेदन करें ताकि तय समय-सीमा में काम पूरा हो सके।