राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में Gold Silver Price Today को लेकर बड़ी हलचल देखने को मिली है। चांदी की कीमतों में लगातार छठे कारोबारी दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। जनवरी के मध्य में चांदी की कीमत एक ही दिन में 3,600 रुपये बढ़कर 2,92,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। यह तेजी मुख्य रूप से व्यापारियों और स्टॉकिस्टों की लगातार खरीदारी के कारण देखी गई है।
अखिल भारतीय सराफा संघ के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,89,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस तरह एक दिन में तीन हजार रुपये से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। चांदी में यह तेजी मौजूदा समय में बाजार की सबसे बड़ी खबर बन गई है।
Silver Price Today: छह दिनों में रिकॉर्ड उछाल
चांदी की कीमतों में आई इस तेजी को अगर पिछले छह कारोबारी दिनों के आंकड़ों से देखा जाए, तो तस्वीर और साफ हो जाती है। केवल छह दिनों में चांदी की कीमत में 20.16 प्रतिशत यानी कुल 49,100 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा अपने आप में असाधारण माना जा रहा है।
आठ जनवरी को चांदी की कीमत 2,43,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसके बाद लगातार तेजी जारी रही और अब यह 2,92,600 रुपये तक पहुंच गई है। लगातार दूसरे साल चांदी का प्रदर्शन सोने से बेहतर रहा है। मौजूदा साल में अब तक चांदी ने 22.4 प्रतिशत का लाभ दर्ज किया है, जो निवेश से जुड़े आंकड़ों में अहम माना जा रहा है।
सोने की कीमतों में गिरावट, खरीदारों को राहत
जहां एक ओर चांदी नई ऊंचाइयों को छू रही है, वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। Gold Silver Price Today के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,100 रुपये घटकर 1,46,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। यह कीमत सभी टैक्स मिलाकर बताई गई है।
पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस तरह सोने में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए अहम मानी जा रही है, जो शादी-विवाह या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं।
सोना और चांदी के ताजा रेट (दिल्ली सराफा बाजार)
नीचे दी गई तालिका में दिल्ली सराफा बाजार के ताजा रेट को साफ और सरल तरीके से दिखाया गया है, जिससे कीमतों में बदलाव को समझना आसान हो सके।
| धातु | ताजा कीमत | पिछला बंद भाव |
|---|---|---|
| चांदी (प्रति किलो) | ₹2,92,600 | ₹2,89,000 |
| सोना 99.9% (प्रति 10 ग्राम) | ₹1,46,200 | ₹1,47,300 |
यह आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि चांदी में जहां तेज उछाल है, वहीं सोने में नरमी बनी हुई है।
छह दिनों की दिन-प्रतिदिन की तेजी का पूरा ब्योरा
अगर पिछले छह कारोबारी दिनों की चाल पर नजर डालें, तो चांदी की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिलती है। पहले शुक्रवार को चांदी 6,500 रुपये बढ़कर ढाई लाख रुपये के स्तर तक पहुंची। इसके बाद सोमवार को 15,000 रुपये की बड़ी छलांग लगी और यह 2,65,000 रुपये के पार चली गई।
मंगलवार को चांदी में 6,000 रुपये की और तेजी आई और यह करीब 2,71,000 रुपये तक पहुंच गई। बुधवार को एक बार फिर 15,000 रुपये का उछाल देखा गया और भाव 2,86,000 रुपये के करीब पहुंच गए। गुरुवार को 3,000 रुपये की बढ़त के साथ यह 2,89,000 रुपये पर बंद हुई। शुक्रवार को 3,600 रुपये की और तेजी के साथ चांदी 2,92,600 रुपये प्रति किलो हो गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग रुख
दिलचस्प बात यह है कि घरेलू बाजार के उलट अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर लगातार दूसरे दिन हाजिर सोना और चांदी कमजोर रहे। मजबूत डॉलर और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से भू-राजनीतिक जोखिम घटे हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ा है।
हाजिर सोना करीब 12 डॉलर या 0.27 प्रतिशत गिरकर 4,603 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इसी तरह हाजिर चांदी 2.26 प्रतिशत यानी दो डॉलर से ज्यादा टूटकर करीब 90 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई। इससे पहले चांदी 93 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी।
अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर
अमेरिकी प्रशासन की ओर से आयात शुल्क न लगाने की घोषणा के बाद चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब आठ प्रतिशत तक फिसलकर 86 डॉलर प्रति औंस तक आ गई थी। इसके अलावा ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका टलने से भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना।
इन घटनाओं का असर वैश्विक बाजार पर साफ दिखा, हालांकि घरेलू बाजार में चांदी की कीमतें मजबूत बनी रहीं।
चांदी की औद्योगिक मांग बनी सहारा
चांदी की कीमतों को सहारा देने वाला एक अहम कारण इसकी औद्योगिक मांग भी है। सोने की तुलना में चांदी का इस्तेमाल उद्योगों में ज्यादा होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। इसके अलावा सौर ऊर्जा पैनलों के निर्माण में भी चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है।
जैसे-जैसे स्वच्छ ऊर्जा की ओर रुझान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चांदी की मांग में भी इजाफा देखा जा रहा है। मेडिकल उपकरण, बैटरी और अन्य तकनीकी उत्पादों में भी चांदी का इस्तेमाल होता है, जिससे इसकी मांग मजबूत बनी रहती है।
निष्कर्ष
Gold Silver Price Today के ताजा आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली सराफा बाजार में चांदी ने नया रिकॉर्ड बना लिया है और इसकी कीमत 2.82 लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है। लगातार छह दिनों की तेजी ने चांदी को सुर्खियों में ला दिया है। दूसरी ओर सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दोनों धातुओं के रुझान में साफ अंतर देखने को मिल रहा है।
यह स्थिति इसलिए अहम है क्योंकि एक तरफ घरेलू बाजार में चांदी मजबूत बनी हुई है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी का रुख है। आने वाले दिनों में निवेशक और खरीदार इन्हीं संकेतों के आधार पर बाजार पर नजर बनाए रखेंगे।